नई दिल्ली। गरीबों, जरूरतमंदों तक जन औषधि की सस्ती दवाओं का लाभ पहुंचाने के मोदी सरकार के प्रयासों को आगे बढ़ाने में सकारात्मक भूमिका निभाने वाली सोनभद्र की रंजना सिंह राजपथ पर हुए गणतंत्र दिवस समारोह की साक्षी बनी। देश भर से 90 से अधिक जन औषधि केंद्र संचालकों को गणतंत्र दिवस समारोह में आमंत्रित किया गया था। समारोह से पहले दिल्ली के प्रमुख स्थलों के भ्रमण के साथ उन्हें प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के सीईओ सुवासिस दास ने स्मृति पत्र देकर सम्मानित किया।
देश के सभी भागों दुर्गम और अतिपिछड़े जिलों से बड़े शहरों तक जन औषधि का नेटवर्क लगातार विस्तारित हो रहा है। जन औषधि के जरिए सेवा और सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार उत्कृष्ट कार्य करने वालों को गणतंत्र दिवस समारोह में आमंत्रित किया गया था।
करकी माइनर में जन औषधि केंद्र की संचालिका रंजना सिंह बताती हैं कि वह वर्ष 2018 में जन औषधि मित्र अभियान से जुड़ीं। जन औषधि मित्र अभियान की प्रणेता अपर्णा कपूरिया के सानिध्य में उन्होंने जन औषधि से जुड़कर इसके कार्यों को आगे बढ़ाया। शिवपुर निवासी स्वर्गीय केशव सिंह की पुत्रवधू रंजना सिंह ने करकी माइनर में जन औषधि केंद्र शुरू किया। जन औषधि मित्र अभियान और तरनि फाउंडेशन फार लाइफ के साथ मिलकर उन्होंने जन औषधि को जन-जन तक पहुंचाने के पीएम मोदी के अभियान में भागीदारी की।
रंजना सिंह ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होना उनके लिए गौरव की बात है। यह पीएम मोदी की नीतियों में दृढ़ विश्वास का प्रतिफल है। आज जन औषधि केंद्र समूचे देश में गरीबों, आम जनों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का आधार बने हुए हैं। गणतंत्र दिवस परेड का साक्षी बनना उनके लिए यह जीवनपर्यंत याद रहने वाला अवसर है। उन्होंने इस पल को यादगार बताया।
