सोनभद्र। लोढ़ी टोल प्लाजा पर महिला अधिवक्ता आरती पांडेय व उनके सहकर्मियों से टोलकर्मियों द्वारा की गई मारपीट और अभद्रता के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अधिवक्ता समाज ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए टोल की बदइंतजामियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस घटना के विरोध में राजनीतिक हलके में भी तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है। अधिवक्ताओं के आंदोलन के साथ कई राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन साथ आ गए हैं। आंदोलन बढ़ता देख प्रशासन ने आरोपियों पर कार्रवाई के साथ स्थिति को सामान्य करने की कोशिशें तेज कर दी हैं।

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डा धर्मवीर तिवारी ने घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा कि लोढ़ी टोल प्लाजा का स्थान ही गलत है। राबर्ट्सगंज जनपद मुख्यालय है, जहां कलेक्ट्रेट, विकास भवन, कचहरी, तहसील सहित तमाम सरकारी कार्यालय स्थित हैं। ऐसे में रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को टोल चुकाना पड़ता है। पर्यटन को बढ़ावा देने की बात करने वाला प्रशासन स्थानीय लोगों को इको प्वाइंट तक जाने से पहले टोल देने को मजबूर कर रहा है।
डा तिवारी ने कहा कि सोनभद्र आदिवासी बाहुल्य जनपद है, जहां अधिकांश लोग आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि यूपी 64 नंबर की सभी निजी गाड़ियों को लोढ़ी टोल प्लाजा पर टोल मुक्त किया जाए। साथ ही मारपीट में शामिल उपद्रवी टोल कर्मियों को तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे को प्रभारी मंत्री तक उठाया जाएगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता एवं एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय सचिव राघवेंद्र नारायण ने मारकुंडी व लोढ़ी टोल प्लाजा पर अधिवक्ताओं से बदसलूकी को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा पर गुंडा किस्म के लोग तैनात हैं, जिन्हें कानून का कोई भय नहीं है। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दोषियों पर शीघ्र कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो तो अंजाम गंभीर होंगे।
संयुक्त अधिवक्ता महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष राकेश शरण मिश्र ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर दोषी टोल कर्मियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही लोढ़ी टोल प्लाजा का टेंडर निरस्त किए जाने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में टोल प्लाजा पर अधिवक्ताओं से बदसलूकी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
ऑल इंडिया रूरल बार एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल व महासचिव अनिल कुमार तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाईए सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तथा रासुका लगाए जाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि टोल प्लाजा पर अधिवक्ताओं के साथ हो रही हिंसा नहीं रुकी तो प्रदेशव्यापी आंदोलन कर बजट सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
